
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने आवंटियों और आम नागरिकों को प्राधिकरण की वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट के माध्यम से भेजे जा रहे संदिग्ध संदेशों को लेकर सतर्क किया है। प्राधिकरण के संज्ञान में आया है कि कुछ आवंटियों को संदेश भेजकर भूखंड आवंटन की पुष्टि के नाम पर भुगतान करने को कहा जा रहा है। इन संदेशों में gdaerp.org वेबसाइट का लिंक दिया जा रहा है, जो देखने में प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता है।

उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नंदकिशोर कलाल ने स्पष्ट किया है कि gdaerp.org प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। उन्होंने नागरिकों और आवंटियों से अपील की कि वे इस वेबसाइट या संदिग्ध संदेशों में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा भुगतान विवरण साझा करें। आवंटन और देय राशि से संबंधित जानकारी के लिए केवल जीडीए की अधिकृत वेबसाइट https://gdaerp.in का ही उपयोग करें।
प्राधिकरण ने अपील की है कि नागरिक और आवंटी ऐसे संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर ओटीपी, बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड तथा अन्य व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें। संदेश में उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन करने या किसी बैंक खाते में धनराशि जमा करने से भी बचें।
जीडीए के अनुसार, आवंटन और देय राशि से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए नागरिक आधिकारिक वेबसाइट का पता स्वयं ब्राउजर में टाइप कर उसे खोलें। किसी अनजान लिंक या संदेश के आधार पर भुगतान न करें।
जिस व्यक्ति को ऐसा संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ है, वह संदेश, वेबसाइट लिंक और भेजने वाले मोबाइल नंबर का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखे और इसकी सूचना प्राधिकरण को दे। यदि किसी व्यक्ति ने गलती से फर्जी लिंक के माध्यम से भुगतान कर दिया है तो वह तत्काल अपने बैंक से संपर्क करे और साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। प्राधिकरण ने नागरिकों से इस चेतावनी को अन्य आवंटियों तक पहुंचाने की अपील की है।


