
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से साझा कीं उपलब्धियां, कहा- यूपी तकनीक और निवेश के नए दौर में
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और बदलते औद्योगिक परिदृश्य को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में नीति, निवेश और उत्पादन से जोड़ा है।

उन्होंने प्रदेश की उपलब्धियों को ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ और ‘नए उत्तर प्रदेश की नई उड़ान’ बताया।
सीएम योगी ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट के उत्पादन में हिस्सेदारी निभा रहा है। जेवर में 3,706 करोड़ रुपये की लागत से एचसीएल-फाक्सकॉन की चिप इकाई विकसित हो रही है। इसके अलावा प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर प्रस्तावित हैं। राज्य में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न भी मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद, माफियाकरण और तुष्टीकरण ने विकास की दिशा प्रभावित की। उनके मुताबिक वर्तमान सरकार ने परिवार के विकास की जगह प्रदेश के विकास, माफिया संरक्षण की जगह निवेशक संरक्षण और तुष्टीकरण की जगह तकनीक को प्राथमिकता दी है।
योगी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन बढ़ने के साथ डेटा सेंटर और अब एआई सिटी की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। एआई-प्रज्ञा के माध्यम से 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में एचसीएल-टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एचसीएल जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी किया जाएगा।


