
- निवोक अस्पताल की सामने आई बड़ी लापरवाही,
- :हत्याकांड़ के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन
मुरादनगर। जहां एक और पुलिस 24 घंटे बाद भी पूर्व प्रधान के भतीजे की हत्या करने वाले बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाए हैं वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने अस्पताल संचालक पर भी इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने हत्याकांड़ के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है।
बता दें कि गांव जलालापुर निवासी सुनील चौधरी अपनी पत्नी अनीसा ,पुत्र 35 वर्षीय हिंमाशु चौधरी व उनकी पत्नी के साथ रहते है। हिंमाशु चौधरी साहिबाबाद स्थित एक निजी कंपनी में काम करते थे। गुरुवार रात वह स्कूटी से डयूटी से वापस अपने गांव जलालपुर आ रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था ।गंभीर हालत में मोदीनगर के निवोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उपचार के दौरान शुक्रवार को हिमांशु की मौत हो गई थी। मृतक के चचेरे भाई हैप्पी सिंंह का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के चलते हिंमाशु की मौत हुई है। समय पर ना तो डॉक्टर आए और ना ही दवाईयां दी गई। खून बहता रहा और आगे के लिए रेफर भी नहीं किया गया। जिसको लेकर ग्रामीणों में भी अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि अस्पताल के डॉक्टर सही से इलाज करते तो हो सकता है हिमांशु की मौत ना होती। परिजनों का कहना है कि निवोक का अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी। निवोक अस्पताल के निदेशक सचिन अहलावत ने आरोपों को निराधार बताया है। वहीं दूसरी ओर युवक की हत्या के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं पुलिस अभी तक हत्या करने वाले बदमाशों का सुराग तक नहीं लगा पाई है। एसीपी मसूरी सर्किल सुनील कुमार भारद्वाज ने बताया कि हत्याकांड़ के खुलासे के लिए पुलिस की तीन टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। हिंमाशु चौधरी की हत्या क्यों और किन कारणों से हुई इसका अभी तक पता नहीं चली सका है।



