अध्यात्मउत्तर प्रदेश

माँ विंध्यवासिनी के दरबार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने टेका मत्था

, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को जनपद मिर्जापुर स्थित पावन धाम विंध्याचल शक्तिपीठ मंदिर में माँ विंध्यवासिनी जी के दर्शन एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शक्ति एवं उन्नति की मंगलकामना करते हुए माँ से आशीर्वाद प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि विंध्याचल धाम देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहाँ विराजमान माँ विंध्यवासिनी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। यह धाम आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्वितीय केंद्र है, जहाँ आकर प्रत्येक व्यक्ति को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि माँ विंध्यवासिनी आदिशक्ति का स्वरूप हैं, जो अपने भक्तों को संकटों से उबारकर उन्हें शक्ति, साहस और समृद्धि प्रदान करती हैं। प्रदेश की खुशहाली, विकास एवं जनकल्याण के लिए उन्होंने माँ से विशेष प्रार्थना की। विंध्याचल प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने मां काली खोह मंदिर, श्री भैरव नाथ मंदिर एवं मां अष्टभुजा मंदिर में भी विधिवत दर्शन-पूजन किया। इन सभी शक्तिपीठों का विशेष धार्मिक महत्व है और यह क्षेत्र देवी उपासना की पावन त्रिकोण परिक्रमा का केंद्र माना जाता है। काली खोह में माँ काली का उग्र रूप, अष्टभुजा मंदिर में माँ का दिव्य स्वरूप तथा भैरव नाथ मंदिर में रक्षक देवता के रूप में भगवान भैरव की उपासना की जाती है, जो श्रद्धालुओं को सुरक्षा एवं शक्ति प्रदान करते हैं। श्री मौर्य ने कहा कि विंध्याचल धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की जीवंत विरासत भी है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु माँ के आशीर्वाद से आत्मबल प्राप्त करते हैं और जीवन में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हैं। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए माँ विंध्यवासिनी से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उन्नति बनी रहे तथा उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर होता रहे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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