
- अधिवक्ता ने लगाई पुलिस कमिश्नर से गुहार
- पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
गाजियाबाद। वेव सिटी थाना क्षेत्र के डासना के काजी वाले मोहल्ले में अधिवक्ता के घर पर धावा बोलकर जान मारने की धमकी का आरोप लगाते पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है । हालांकि पुलिस कमिश्नर ने शिकायत का संज्ञान लेकर इस मामले की जांच वेव सिटी थाने को करने के लिए निर्देशित भी किया है। पीड़ित अधिवक्ता तौकीर अहमद पुत्र जमीर अहमद निवासी निकट काजी वाली मस्जिद डासना का आरोप है कि 5-मई 2026 की रात्रि 10-00 बजे दर्जनों लोगों के हाथों में लाठी डण्डे फरसे तथा कुछ लोगो ने अपनी लाईसेंसी बंदूके भी ले रखी थी। सभी ने इकटठा होकर मेरे मकान काजी वाली मस्जिद के सामने घर पर चढाई कर दी तथा गेट के उपर चढकर मेरे घर में कूद गये तथा विन्डो से मेरी पत्नी व बच्चों को मारने की धमकी दी तथा गेट हिलाकर तोड दिया तथा गंदी गंदी गालिया देने लगे तथा जान से मारने की धमकी देते हुए तथा मेरे घर पर पथराव किया व सभी लोग कहने लगे कि तू डासना के एक वकील से टक्कर लेगा तो तुझे जान से मार देंगे, तेरा अकेला घर है। आज तू घर से निकल हम तेरी हत्या कर देते है तथा मेरी डासना निवासी अब्दुल्ला वकील से कई वर्षों से रंजिश चल रही है। जिस रंजिश के तहत उन्होंने मेरे घर पर हमला किया है तथा भविष्य में मेरी जान माल का खतरा बना हुआ है। ईश्वर का कर्म है कि उस समय मैं किसी कार्य से गोविन्दपुरम गया हुआ था, जब मैं वापिस लौटकर आया तो मेरी पत्नी ने मुझे सारी बाते बताई कि यदि आज तुम घर पर होते तो आज तुम्हारी हत्या हो जाती । डासना निवासी वकील पर 10 मुकदमें पंजीकृत है तथा इसके परिवार वाले दबंग किस्म के लोग हैं। आये दिन किसी न किसी से लड़ते झगड़ते रहते है। उपरोक्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए जिससे मेरे जान माल की सुरक्षा हो सके। तथा मैं थाना वेवसिटी गया तो उन्होने मुझे वापिस कर दिया और कहाकि तुम्हारे कोई चोट नहीं है इसलिए तुम्हारा मुकदमा नहीं लिखा जा सकता। इस मामले में अधिवक्ता अब्दुल्ला ने बताया कि जिस तरह आरोप लगाए गए हैं, सभी निराधार हैं, मेरा व मेरे परिवार का किसी प्रकार का कोई झगड़ा नहीं हुआ है, ना ही कोई इनके घर पर गया है। अगर कोई गया है तो इसकी सीसीटीवी फुटेज या लोकेशन दिखाने का कार्य करें और मैं पूरी तरह इस शिकायती पत्र में पुलिस के समक्ष सहयोग करने के लिए तैयार हूं। पुलिस ने बताया कि इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है और इस तरह का मामला संज्ञान में आता है तो पूरे मामले की जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जाएगी।



