
1393 रिक्रूट आरक्षियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। बदलते अपराध स्वरूप, बढ़ती तकनीकी चुनौतियों और जनता की अपेक्षाओं के बीच कमिश्नरेट गाजियाबाद ने नई पीढ़ी के पुलिसकर्मियों को आधुनिक और संवेदनशील पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया। बुधवार को नंदग्राम स्थित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों पर तैनात 1393 नव-भर्ती रिक्रूट आरक्षियों को कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, भीड़ प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा और जनसंवाद जैसे अहम विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की असली पहचान केवल अपराधियों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज में शांति, सौहार्द और विश्वास कायम करना है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना किसी भी पुलिसकर्मी की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

उन्होंने आरक्षियों को अनुशासन, सहनशीलता, संवेदनशीलता और सेवा भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाने की सीख दी। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यदि पुलिस जनता के प्रति सहयोगात्मक और सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाए तो कानून व्यवस्था स्वत: मजबूत होती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राज करन नैय्यर ने किया। इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध केशव कुमार चौधरी, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और डीसीपी सिटी धवल जायसवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। आरक्षियों को बीट प्रणाली, स्थानीय अपराध नियंत्रण, यक्ष ऐप के उपयोग, किरायेदार सत्यापन, घरेलू सहायकों के सत्यापन और सीनियर सिटीजन सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय निगरानी और जनसंपर्क अपराध नियंत्रण की सबसे मजबूत कड़ी है।
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भीड़ नियंत्रण की रणनीतियों पर डाला प्रकाश
एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह ने त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों और जुलूसों के दौरान भीड़ नियंत्रण की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बड़ी भीड़ के बीच पुलिसकर्मी की सतर्कता और धैर्य ही किसी भी अव्यवस्था को रोकने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
वहीं एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर ने वीवीआईपी और वीआईपी ड्यूटी की संवेदनशीलता समझाते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल, संदिग्ध वाहनों की जांच, आपातकालीन प्रतिक्रिया और संचार समन्वय की व्यावहारिक जानकारी दी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने किसान आंदोलन, छात्र आंदोलन और श्रमिक आंदोलनों जैसी परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में पुलिस को संतुलित और त्वरित कार्रवाई करनी पड़ती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड जैसे आधुनिक अपराधों पर भी विशेष फोकस रखा गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी दक्षता के बिना प्रभावी पुलिसिंग संभव नहीं है। बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए पुलिसकर्मियों का डिजिटल रूप से प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है।



