
**मंगल कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ साधनामय वर्षा योग**
खेकड़ा
डूंडाहैड़ा क्षेत्र स्थित आचार्य विद्यासागर गौशाला रविवार को भक्ति और साधना के रंग मे रंग गई। यहां साधनामय वर्षा योग के शुभारंभ पर मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। जैन संतो के सानिध्य मे हुए धार्मिक आयोजन मे बड़ी संख्या मे श्रद्धालुओ ने पहुंचकर धर्मलाभ उठाया।
कार्यक्रम का आयोजन आचार्य वसुनंदी मुनिराज के पावन आशीर्वाद से किया गया। समारोह मे मुनि नमिसागर महाराज, ऐलक विज्ञान सागर महाराज और क्षुल्लक पूर्णानंद महाराज के वर्षा योग साधना कार्यक्रम के लिए विधि-विधान के साथ मंगल कलश स्थापित किए गए। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु भक्ति मे लीन नजर आए और पूरा गौशाला परिसर धर्ममय हो गया। श्रद्धालुओ ने संतो के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही वर्षा योग के दौरान होने वाले धार्मिक आयोजनो मे बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम समिति के पदाधिकारियो ने बताया कि वर्षा योग के दौरान साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर साधना, स्वाध्याय और धार्मिक प्रवचनो के माध्यम से समाज को धर्म, संस्कार और संयम का संदेश देंगे। संतो की साधना से मिलेगी धर्म और संस्कारो की प्रेरणा
वर्षा योग के दौरान आचार्य विद्यासागर गौशाला परिसर मे विभिन्न धार्मिक गतिविधियो और कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओ ने कहा कि संतो का सानिध्य समाज के लिए सौभाग्य का अवसर है। संतो की साधना और प्रवचनो से युवा पीढ़ी को धर्म, संस्कार और संयम की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम मे जैन समाज के अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।



