उत्तर प्रदेश

कानपुर-शादी का झांसा देकर छात्रा से दुष्कर्म, कांस्टेबल पर केस दर्ज

कानपुर । उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में शादी का झांसा देकर एक कांस्टेबल ने एमएससी की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान आरोपित ने उसकी अश्लील वीडियो और फोटो बना लिया। जब छात्रा ने कांस्टेबल से शादी का दबाव बनाया तो उसने इनकार करते हुए कहा कि यदि उसने किसी से कुछ कहा तो वह फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इसके बाद छात्रा ने कोतवाली थाने में आरोपित कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

रावतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रहने वाली एमएससी की छात्रा प्रतियोगी परीक्षाओं के बीच तैयारी कर रही है। उसने बताया कि 19 जनवरी को वह कानपुर से आगरा परीक्षा देने जा रही थी। इस दौरान ट्रेन में उसकी मुलाकात रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल योगेंद्र सिंह से हुई। दोनों में बातचीत के बाद उसने आश्वासन दिलाया कि वह उसकी नौकरी लगवा देगा। दोनों के बीच मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और फिर बातचीत होने लगी। इस बीच आरोपित ने शादी करने और नौकरी लगवाने के वायदा किया। इसके अलावा युवती की मां का भी विश्वास जीत लिया।

पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि 22 फरवरी को योगेंद्र ने उसे बहाने से रिजर्व पुलिस लाइन बुलाया फिर दुष्कर्म किया। इसी बीच उसने अश्लील वीडियो और फोटो बना लिए। करीब दो महीनों से वह उस वीडियो और फोटो को वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। आठ अप्रैल को उसने एक बार फिर से बुलाकर दुष्कर्म किया और कहा कि जाओ अब नाही शादी करूंगा और नाही नौकरी लगवाऊंगा। जो करते बने कर लो और हां यदि किसी से कुछ भी बताया तो ये सारी वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दूंगा।

पुलिस उपायुक्त लाइन्स शिवा सिंह ने मंगलवार को बताया कि युवती ने प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें कानपुर नगर में ट्रेनिंग कर रहे रिक्रूट आरक्षी योगेंद्र सिंह पर शादी का झांसा एवं नौकरी दिलाने के नाम पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है। साथ ही प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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