
बागपत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा मे बागपत को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जिला स्तरीय कौशल विकास कार्यक्रम के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देश के केवल दो जिलो मे उत्तर प्रदेश के बागपत का चयन किया गया है। इसी क्रम मे कलेक्ट्रेट सभागार मे युवाओ की सहभागिता और कौशल आधारित विकास मॉडल को लेकर विशेष बैठक आयोजित की गई।
बैठक मे नीति आयोग से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. आईवी सुब्बाराव ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवाओ को कौशल, तकनीक और रोजगार के अवसरो से जोड़ा जाएगा। उन्होने विभिन्न विभागो के बीच बेहतर समन्वय और साझा कार्य योजना तैयार करने पर जोर दिया। डॉ. सुब्बाराव ने कहा कि बड़ी संख्या मे युवाओ तक सरकारी योजनाओ, प्रशिक्षण कार्यक्रमो और रोजगार अवसरो की सही जानकारी नही पहुंच पाती। ऐसे मे सभी विभागो को मिलकर युवाओ तक योजनाओ की जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचानी होगी।
बैठक मे बताया गया कि बागपत मे लगभग 4.70 लाख युवा आबादी है। जो जिले की बड़ी ताकत मानी जा रही है। युवाओ को कौशल, नवाचार, स्वरोजगार और तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी। गांवो, कस्बो और शिक्षण संस्थानो मे ऐसे युवाओ की पहचान की जाएगी। जो स्थानीय स्तर पर अन्य युवाओ को योजनाओ और अवसरो की जानकारी दे सके। बैठक मे डिमांड ड्रिवन स्किलिंग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियो ने कहा कि युवाओ को वही प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए जिसकी वास्तविक आवश्यकता उद्योगो और रोजगार बाजार मे है। इसके लिए जिले के उद्योगो और कंपनियो की जरूरतो का आकलन कर प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे।
बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला सेवा योजन अधिकारी विपिन कुमार, जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी मौजूद रहे।



