
श्री रामलीला समिति राजनगर रावण की बहन सूर्पनखा की नाक काटी लक्ष्मण ने
- खर दूषण सहित श्री राम ने मारे हजारों राक्षस
- साधु वेश में रावण ने किया सीता जी का हरण
- जटायु का किया उद्धार
गाजियाबाद। श्री रामलीला समिति राजनगर की ओर से श्री राम महोत्सव में रामलीला मंचन के दौरान की प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया। जिसमें सूर्पनखा की नाक काटना, खर दूषण वध, सीता हरण तथा जटायु का उद्धार शामिल हैं।
रामलीला मंचन के दौरान श्री राम माता सीता एवं लक्ष्मण के साथ वन – वन विचरण कर रहे हैं । रावण की बहन सूर्पनखा वन में लक्ष्मण पर मोहित हो कर उनसे मज़ाक करती है, लक्ष्मण जी को यह पसंद नहीं आता और उन्हें गुस्सा आ जाता हैं। वह गुस्से में सूर्पनखा की नाक काट लेते हैं। प्रणय निवेदन में इस तरह अपमानित होकर सूर्पनखा खर-दूषण से शिकायत करती है और उन्हें लेकर वहां जाती है । लेकिन, राम अपनी शक्तियों से खर दूषण सहित अन्य हजारों राक्षसों का भी वध कर देते हैं। इसके के बाद घायल सूर्पनखा
अपने भाई रावण के पास जाकर लक्ष्मण की झूठी शिकायत करती है। बहन के अपमान की बात सुनकर लंकापति रावण क्रोध में आ जाता है और अपने मामा मारीचि के साथ मिलकर षडयन्त्र रचता है। मारीचि सोने का मृग बन कर विचरण कर रहा है। तब सीता जी अपने पति राम से उस सोने के मृग को
पकड़ने का आग्रह करती हैं। रामचन्द्र जी उस मायावी हिरण का शिकार करने वन में जाते हैं। वन में राम जी की कातर आवाज सुन कर सीता जी अपने देवर लक्ष्मण से आग्रह करती है कि वह जाकर श्री राम जी की मदद करें। तब लक्ष्मण जी एक रेखा खींच कर उस रेखा से बाहर नहीं निकलने का आग्रह करके राम जी की मदद के लिए वन में जाते हैं। तभी पीछे से रावण साधु का वेष धारण करके भिक्षा मांगने आता है। जैसे ही माता सीता लक्ष्मण जी द्वारा खींची गई रेखा को पार करके भिक्षा देने बाहर निकलती हैं, रावण उनका हरण कर लेता है। जटायु सीता जी को बचाने आता है तो रावण उसे घायल कर देता है।

पत्नी सीता की तलाश कर रहे राम को रास्ते में एक विशालकाय पक्षी जटायु घायल अवस्था में मिलता है। वो राम को सीता की जानकारी देते हैं। इसके बाद श्री राम उसका उद्धार करते हुए जीवन से मुक्त कर देते हैं।
समिति की ओर से विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री कैप्टन विकास गुप्ता का स्वागत किया गया। इसके अलावा व्यापारी नेता गोपीचंद, अशोक चावला, रामदेव त्यागी, सुनील गोयल आदि का भी सम्मान किया गया।
इस मौके पर रामलीला समिति के संस्थापक सदस्य एवं संरक्षक जितेन्द्र यादव (पूर्व विधायक), अध्यक्ष जय कुमार गुप्ता, महामंत्री दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष आर के शर्मा, मुख्य संयोजक राकेश मिश्रा, आर एन पाण्डेय, राजीव मोहन , विनीत शर्मा, एस एन अग्रवाल , अमरीश त्यागी, राजीव त्यागी, स्थानीय पार्षद प्रवीन चौधरी, सुभाष शर्मा, मुकेश मित्तल, विनोद गोयल, राजीव गुप्ता, राधेश्याम सिंघल, बृजमोहन सिंघल, रेखा अग्रवाल , सौरभ गर्ग ,मोतीलाल गर्ग, सुन्दर लाल यादव, अनिल कुमार, डॉ आरके मित्तल , आलोक मित्तल, मनीष वशिष्ठ, आकाश वशिष्ठ, मुकेश शर्मा, श्रीचंद चौहान, वीरेन्द्र सारस्वत, गोल्डी सहगल, ओमप्रकाश भोला , विजय लुम्बा, संजीव गुप्ता, आदित्य कौशिक, डॉ आरके पोद्दार एवं डॉ मधु पोद्दार,भूपेंद्र चित्तौडिया, जय सिंह , गुरविंदर सिंह, गगनप्रीत सिंह ,श्रीमती उषा गुप्ता, श्रीमती मंजू त्यागी, रेशमा मित्तल, श्रीमती प्रीति मित्तल सहित राजनगर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे |



