नई दिल्ली

जस्टिस तेजस करिया ने खुद को अलग किया

नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय के जज जस्टिस तेजस करिया, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी (आआपा) के दूसरे नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच में हुई सुनवाई के वीडियो अपलोड करने पर कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरु करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से हट गए हैं।

अब इस याचिका पर वो बेंच सुनवाई करेगी जिस बेंच के सदस्य जस्टिस तेजस करिया नहीं होंगे। याचिका वकील वैभव सिंह ने दायर की है। याचिका में दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से केजरीवाल को बरी करने के विरुद्ध केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को हटने की मांग की सुनवाई के वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर आपत्ति जताई गई है। याचिका में केजरीवाल और रवीश कुमार के अलावा कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, संजीव झा, पूरनदीप साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की गई है।

याचिका में मांग की गई है कि कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स से हटाए जाएं। याचिका में केजरीवाल पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कोर्ट में बिना आधार के भ्रामक दलीलें दीं। केजरीवाल ने कोर्ट का मान कम करने के लिए कई अनर्गल आरोप लगाए। याचिका में कहा गया है कि केजरीवाल की दलीलों को रिकॉर्ड कर उन्हें एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के विभिन्न चैनल्स पर अपलोड किया गया। ऐसा कर आम लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई। इसके जरिये कोर्ट और केंद्र सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया गया।

इसके पहले याचिकाकर्ता वकील वैभव सिंह ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से शिकायत कर केजरीवाल और दूसरे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच ने 20 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की सुनवाई से हटने की मांग खारिज कर दी थी। जस्टिस शर्मा ने कहा था कि केवल अनुमान के आधार पर किसी मामले की सुनवाई से नहीं हटाया जा सकता है।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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