अध्यात्मनई दिल्ली

महाभारत सर्किट में चमकेगा काम्पिल्य, 4.70 करोड़ की परियोजना से द्रौपदी जन्मस्थली बनेगी वर्ल्ड क्लास टूरिस्ट हब’

महाभारत काल की स्मृतियों को संजोए उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक काम्पिल्य (कंपिल) अब विश्व स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार ने महाभारत सर्किट के अंतर्गत फर्रुखाबाद जिले के इस पौराणिक स्थल के समेकित विकास के लिए 4.70 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी देते हुए प्रथम किश्त के रूप में 1.40 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि श्द्रौपदीजी की जन्मस्थली सहित अनेक सांस्कृतिक धरोहरों की धरती काम्पिल्य को संवारने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।     पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग काम्पिल्य में आधुनिक पर्यटक सुविधाएं विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि महाभारत सर्किट अंतर्गत द्वापर युगीन इस प्राचीन भूमि को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। आगंतुकों को तकनीक के माध्यम से उस दौर के इतिहास और घटनाओं से रूबरू कराया जाएगा। इसके लिए इंटरैक्टिव इंटरप्रिटेशन इंस्टॉलेशन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में 21.67 लाख पर्यटक फर्रुखाबाद जनपद पहुंचे, जिनमें विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में रहे। ’काम्पिल्य में सजीव होंगे महाभारत के प्रसंग’ महाभारत सर्किट के अंतर्गत विकसित किए जा रहे काम्पिल्य में पर्यटकों के अनुभव को और अधिक आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक बनाने के लिए करीब 2.37 करोड़ रुपए की धनराशि से चार इंटरैक्टिव इंटरप्रिटेशन इंस्टॉलेशन स्थापित किए जाएंगे। इन इंस्टॉलेशनों के माध्यम से द्रौपदी के जन्म, द्रौपदी और श्रीकृष्ण की मित्रता, द्रौपदी के स्वयंवर तथा कपिल मुनि के आश्रम में दी जाने वाली शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस माध्यम से आगंतुकों को महाभारत कालीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने का एक नया और प्रभावी अनुभव प्राप्त होगा। ’रामेश्वर नाथ मंदिर को मिलेगा भव्य प्रवेश द्वार’ पर्यटन विकास योजना के तहत काम्पिल्य के प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर को भव्य स्वरूप देने की तैयारी तेज हो गई है। इसी कड़ी में यहां लगभग 30 लाख रुपए से अधिक धनराशि से आकर्षक और पारंपरिक स्थापत्य शैली पर आधारित एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करेगा। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान राम के अनुज शत्रुघ्न ने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी, जिसके दर्शन के लिए विशेषकर सावन महीने में भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है। वहीं, पर्यटकों को स्थल के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व समझाने के लिए भव्य स्टोन स्टोरी बोर्ड इंटरप्रिटेशन पैनल लगाए जाएंगे। इससे न केवल उनकी इतिहास के प्रति समझ बढ़ेगी, बल्कि उनका पर्यटन अनुभव और समृद्ध होगा। ’पर्यटक सुविधाओं पर विशेष जोर’

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button