
प्रिंस */गढ़मुक्तेश्वर संवाददाता
- मौके से 40 हजार की रिश्वत की रकम हुई बरामद
- खादर क्षेत्र के गांव कुतुबपुर जंगल का मामला
- कोतवाली में लाकर टीम ने शुरू की कार्रवाई
गढ़मुक्तेश्वर, संवाददाता। खादर क्षेत्र के गांव कुतुबपुर में चल रही चकबंदी के मामले में किसान से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले सहायक चकबंदी अधिकारी को मेरठ से आई भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी को पकड़ने के बाद टीम उसको लेकर कोतवाली पहुंची, जहां संबंधित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बता दे कि खादर क्षेत्र में पिछले काफी समय से किसानों को राहत देने के लिए चकबंदी का कार्य तहसील प्रशासन के अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में गांव कुतुबपुर निवासी किसान जरनैल सिंह की भूमि के चक भी एक ही चक में किए जाने का कार्य होना था। इसके लिए उनके द्वारा संबंधित अधिकारियों से फरियाद लगाई गई। बताया गया है कि उनके कार्य करने के लिए अधिकारी निंरतर चक्कर लगवा रहे थे। जिससे वह परेशान हो गए। कुछ दिन पूर्व ही उनसे चकबंदी करने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत मांगी गई। इसको उन्होंने पूरा करने के लिए कह दिया था। लेकिन जरनैल सिंह ने संबधित मामले की शिकायत मेरठ भ्रष्टाचार निवारण विभाग को की। विभाग द्वारा संबंधित मामले की गहनता से जांच करते हुए प्रभारी निरीक्षक अर्चना सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम मंगलवार की दोपहर के हापुड़ जिला मुख्यालय पहुंची। वहां जनपद के कुछ अधिकारियों को टीम के साथ किया गया। जिसके बाद टीम बताए गए जंगल में पहुंच गई। वहां उनके द्वारा बिछाए गए जाल में सहायक चकबंदी अधिकारी जयवीर सिंह 40 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। हांलाकि स्वयं को बचाने के लिए उन्होंने हाथ में लिए गए नोटों की गड्डी को पास के गन्ने के खेत में फेंक दी। काफी देर तलाश किए जाने के बाद नकदी को बरामद किया गया। जिसके बाद टीम आरोपी को पकड़ कोतवाली लेकर पहुंची। वहां पर टीम ने संबंधित आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में एसडीएम श्रीराम सिंह ने बताया कि उनको मामले की जानकारी नहीं है। यदि विभाग के अधिकारी द्वारा किसान से रिश्चवत ली गई है तो यह गलत है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत नहीं लेनी चाहिए। मामले की जानकारी करते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।



