
बुलंदशहर {मनस्वी वाणी}
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिपाठी के न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न और अभद्रता के एक मामले में पति समेत ससुराल पक्ष के छह दोषियों को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने जेठ को गंभीर आरोपों में चार साल, जबकि पति व अन्य चार को दो-दो साल की सजा सुनाई है।वादिनी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि गुलावठी के गांधी नगर की रहने वाली पीड़िता का विवाह 17 जुलाई 2021 को नवीन गर्ग निवासी लोहिया नगर, गाजियाबाद के साथ हुआ था। परिजनों ने शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार करीब 15 लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन लोभी ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ। शादी के महज एक माह बाद ही पीड़िता से ब्रेजा कार और पांच लाख रुपये नकदी की मांग की जाने लगी।पीड़िता का आरोप था कि मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही ससुराल वालों ने पीड़िता का गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश की। आरोप है कि जेठ प्रवीण ने पीड़िता को जमीन पर पटक दिया और उसके साथ अभद्रता की। मोहल्ले वालों के बीच-बचाव के बाद पीड़िता की जान बच सकी।न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सभी छह आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने जेठ प्रवीण को 4 साल की कैद और 17,500 रुपये जुर्माना, पति नवीन, चेतन, नीता, बरखा व रीना को 2-2 साल की कैद और 7,500-7,500 रुपये जुर्माना लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



