अध्यात्म

श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्म की लीला संपन्न,

जहांगीराबाद। नगर के बिजली घर चौराहा स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्म की लीला की गई। बाल रूप में कन्हैया की झांकी ने कथा सुनने आये सभी भक्तों के मन को मोह लिया। इस अवसर पर गाजियाबाद से आये गौरव बंसल ने व्यास गद्दी पर विराजमान आचार्य मनीष कौशिक को पटका पहनाया और भागवत जी को पुष्प माला अर्पित की। गौरव बंसल ने चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद भी लिया। इसी अवसर पर मौजूद प्रमुख समाजसेवी सोनू पाठक की माताजी मुनेश देवी ने भी आचार्य मनीष कौशिक से आशीर्वाद प्राप्त किया। 

    श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मनमोहक झांकी भी निकाली गई। साथ ही ध्रुव महाराज की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि ध्रुव कथा से मुख्य नैतिक शिक्षा मिलती है कि सच्ची भक्ति उम्र, अपमान या विपत्ति की सीमा नहीं जानती। यह दृढ़ संकल्प, धैर्य और भगवान पर विश्वास की शक्ति पर जोर देती है।

     इस अवसर पर आचार्य मनीष कौशिक ने कहा कि श्रीमद्भागवत एक महापुराण है जिसमें वेदों, उपनिषदों और इतिहासों का “सार” भक्ति के रूप में समेटा गया है। मनुष्य का परम धर्म भगवान की शुद्ध, निष्काम भक्ति करना है; इसी से चित्त शुद्ध होता है और परमात्मा की प्राप्ति होती है। संसार की भोग‑वासना, अहंकार और कामनाओं से दूर रहकर जीवन की वास्तविकता (मृत्यु, काल, पुण्य‑पाप) को समझना भागवत का एक महत्वपूर्ण सबक है। इस अवसर पर संजीव शास्त्री, नीरज कुमार, सोनू भारद्वाज, मोहित भारद्वाज, पूनम बंसल, शकुंतला गोयल, माधुरी वार्ष्णेय, नीलम गोयल, वंदना, रमा, सपना वर्मा,  अजय कौशिक, सौरभ विरदी, मोहित अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, लकी शर्मा आदि साहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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