
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। स्वदेशी और ग्राम स्वराज के गांधीवादी विचारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के संकल्प से जोड़ते हुए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने मंगलवार को गाजियाबाद स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आॅडिटोरियम में भव्य मशीनरी एवं टूलकिट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने मेरठ मंडल के अंतर्गत लगभग 500 लाभार्थियों को 896 आधुनिक मशीनरी और टूलकिट वितरित किए। इससे न केवल कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत विजन महात्मा गांधी के स्वदेशी और ग्राम स्वराज का आधुनिक रूप है। खादी और ग्रामोद्योग आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं और हर घर स्वदेशी अब जन-आंदोलन का रूप ले रहा है।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत हनी मिशन के अंतर्गत 600 मधुमक्खी बॉक्स, 200 इलेक्ट्रिक कुम्हार चाक, फुटवियर टूलकिट, पेपर दोना-पत्तल मशीन, प्लंबर किट, कच्ची घानी तेल मशीन, मसाला व फूड प्रोसेसिंग यूनिट और पॉपकॉर्न मशीन सहित विभिन्न उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे कारीगर आधुनिक तकनीक से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।
पांच वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां
मेरठ मंडल में ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में 1920 लाभार्थियों को 5132 मशीनरी एवं टूलकिट वितरित किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 2347 इकाइयों की स्थापना कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की मार्जिन मनी सहायता दी गई, जिससे 28,558 से अधिक लोगों को रोजगार मिला।
खादी क्षेत्र में भी तेजी
खादी क्षेत्र में मेरठ मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्तमान में 232 खादी संस्थाओं के माध्यम से 58,430 कारीगर जुड़े हैं। पिछले पांच वर्षों में 1771 करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन और 3135 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री दर्ज की गई है। कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, कारीगर, प्रशिक्षार्थी, बैंक प्रतिनिधि और केवीआईसी व राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल को मजबूत करते हुए आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



