
गाज़ियाबाद I आईएएमआर के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा “लिम्फेडेमा विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को लिम्फेडेमा के मूल्यांकन, रोकथाम तथा आधुनिक फिजियोथेपी प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. आकांक्षा शर्मा रहीं, जो आईएएमआर की गौरवशाली पूर्व छात्रा (बीपीटी बैच 2004–2008) हैं। और कैंसर पुनर्वास एवं लिम्फेडेमा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं।
अपने व्याख्यान में डॉ. आकांक्षा शर्मा ने लिम्फेडेमा के कारणों, लक्षणों, जोखिम कारकों, प्रारंभिक पहचान, मूल्यांकन तथा साक्ष्य-आधारित फिजियोथेरेपी उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कैंसर उपचार के बाद होने वाले लिम्फेडेमा के प्रभावी प्रबंधन, रोगियों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार हेतु बहुआयामी पुनर्वास की महत्ता पर भी चर्चा की। विद्यार्थियों ने इस सत्र में उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से संबंधित अनेक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर आईएएमआर की चेयरपर्सन श्रीमती अंशु बंसल, ग्रुप डायरेक्टर डॉ. पी. के. वशिष्ठ, प्राचार्या डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. हुमा, डॉ. वैशाली चौधरी एवं डॉ. मानसी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी गणमान्य अतिथियों ने डॉ. आकांक्षा शर्मा का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों से निरंतर सीखने और विशेषज्ञता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में फिजियोथेरेपी विभाग ने डॉ. आकांक्षा शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान अपने विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षण, आधुनिक क्लीनिकल ज्ञान तथा प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों के अनुभवों से जोड़ने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।



