उत्तर प्रदेश

किसानों ने उठाई एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग

मुक्त व्यापार समझौतों के विरोध में प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार त्यागी के नेतृतव पदाध््िराारियों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों के विरोध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। ज्ञापन में किसानों ने आशंका जताई कि इन समझौतों से भारतीय कृषि और किसानों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले से ही बढ़ती लागत, फसलों के उचित मूल्य का अभाव, प्राकृतिक आपदाओं और कर्ज के दबाव से जूझ रहे किसानों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उनका कहना है कि यदि सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में प्रवेश करते हैं, तो इससे घरेलू उत्पादों की कीमतों में गिरावट आएगी और किसानों की आय प्रभावित होगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आयात बढ़ने से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है, बल्कि इससे कृषि क्षेत्र में संकट और बेरोजगारी बढ़ने की आशंका भी है। किसानों ने सरकार से आग्रह किया कि देशहित और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे समझौतों पर पुनर्विचार किया जाए।
किसानों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी देना शामिल है। उनका कहना है कि टरढ को कानून का दर्जा मिलने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा और वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रहेंगे।
किसान संगठनों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और अन्नदाताओं के हितों की रक्षा के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी।

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