भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश बैठक संपन्न, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय

लखनऊ,1 भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा, उत्तर प्रदेश की प्रदेश स्तरीय बैठक प्रदेश अध्यक्ष माननीय श्री प्रकाश पाल जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों ने आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं अभियानों की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की।
प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रकाश पाल जी ने सभी पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत–हर घर तिरंगा” अभियान को जन-जन तक पहुँचाना प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है। उन्होंने बताया कि 10 से 12 अगस्त तक मंडलों में हर घर तिरंगा अभियान, 13 एवं 14 अगस्त को महापुरुषों की प्रतिमाओं का स्वच्छता अभियान, तथा 15 अगस्त को ध्वजारोहण, हर घर तिरंगा एवं सेल्फी विद तिरंगा अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर जी सम्मान संकल्प अभियान के अंतर्गत 13 अगस्त 2026 को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय संस्कृति, सुशासन, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा की अद्वितीय प्रतीक थीं। उन्होंने लगभग 12,000 मंदिरों, तीर्थस्थलों, घाटों, कुओं, बावड़ियों एवं धर्मशालाओं के निर्माण, जीर्णोद्धार एवं संरक्षण का कार्य कराया। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, महाकाल, ओंकारेश्वर, गया, अयोध्या, मथुरा सहित देश के अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार में उनका अतुलनीय योगदान रहा। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखने का जो कार्य किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा उनके जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेगा।
इसी क्रम में 16 अगस्त को वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की पुण्यतिथि, 17 अगस्त को छत्रपति शिवाजी महाराज के मुक्ति दिवस तथा 21 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह जी की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रकाश पाल जी ने कहा कि विपक्ष समाज को भ्रमित करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अनेक स्थानों पर भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को क्षति पहुँचाने की घटनाएँ हुईं।
उन्होंने कहा, “ए फॉर अखिलेश और ए फॉर औरंगज़ेब—दोनों की मानसिकता तोड़ने की रही है। एक ने मंदिरों और धार्मिक आस्था के प्रतीकों को निशाना बनाया, जबकि दूसरे के शासनकाल में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को तोड़े जाने की घटनाएँ सामने आईं। ऐसी मानसिकता समाज को जोड़ने की नहीं, बल्कि उसे विभाजित करने की राजनीति का प्रतीक है।”
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी, ‘पीडीए’ को लेकर अलग-अलग मंचों पर अलग-अलग अर्थ बताकर समाज को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कभी ‘पी’ का एक अर्थ बताया जाता है, तो कभी दूसरा; इसी प्रकार ‘डी’ और ‘ए’ की भी अलग-अलग व्याख्या की जाती है। समाजवादी पार्टी को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि ‘पीडीए’ का वास्तविक अर्थ क्या है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की स्थिति उस कहावत को चरितार्थ करती है—”गंगा गए तो गंगादास और जमुना गए तो जमुनादास।” अर्थात परिस्थितियों के अनुसार अपनी बात और परिभाषा बदलना ही उनकी राजनीतिक कार्यशैली बन गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछड़ा समाज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव से यह भी जानना चाहता है कि पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह जी के निधन के समय वह अंतिम श्रद्धांजलि देने क्यों नहीं पहुँचे। उन्होंने कहा कि बाबूजी कल्याण सिंह जी देशभर में हिंदू हृदय सम्राट, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख पुरोधा तथा राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना राजनीतिक जीवन समर्पित करने वाले जननायक के रूप में सदैव स्मरण किए जाएंगे। ऐसे महान व्यक्तित्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए उस समय उपस्थित न होना आज भी पिछड़े समाज एवं करोड़ों रामभक्तों के मन में प्रश्न खड़े करता है, जिसका उत्तर समाजवादी पार्टी को देना चाहिए।



