
फरीदाबाद शहर में शनिवार को आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार चौथे दिन भी जारी रही। कार्रवाई के दौरान अब तक एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत का सोना बरामद किया जा चुका है और बैंक खातों में संदिग्ध और अवैध लेनदेन सामने आए हैं। अधिकारियों ने जांच के दायरे में आए बैंक खातों को फ्रीज कर आगे की जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीमें बीते चार दिनों से ग्रेटर फरीदाबाद सहित शहर के कई इलाकों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस दौरान दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, एक बड़े रियल एस्टेट ग्रुप, सेक्टर-12 स्थित ओजोन पार्क के कार्यालय, सेक्टर-21 में एक प्रमुख सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े परिसरों, चार कंपनियों के दफ्तरों और आवासों समेत करीब पचास ठिकानों पर छानबीन की जा रही है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनमें कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े अहम दस्तावेज शामिल हैं। इन सभी रिकॉड्र्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और संदिग्ध फाइनेंशियल नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कई ऐसे वित्तीय लेन-देन उजागर हुए हैं, जिनका कोई वैध स्रोत स्पष्ट नहीं हो पाया है। आशंका जताई जा रही है कि इन लेन-देन के जरिए काले धन को घुमाने और टैक्स से बचने की कोशिश की गई। इसके अलावा कुछ फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन के ट्रांसफर के संकेत भी मिले हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान जिन परिसरों की तलाशी ली गई, वहां से जमीन सौदों, निर्माण परियोजनाओं, शिक्षा शुल्क और निवेश से जुड़े कई अहम कागजात भी हाथ लगे हैं। इन दस्तावेजों का डिजिटल मिलान आयकर रिटर्न और बैंक खातों से किया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि, जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों पर भारी जुर्माना, टैक्स रिकवरी और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरा फोकस जब्त किए गए डेटा की गहन पड़ताल पर है, ताकि पूरे लेन-देन नेटवर्क की कडिय़ां जोड़ी जा सकें



