नई दिल्ली

एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करे सरकार – ज्यूडिशियल काउंसिल

नई दिल्ली I ज्यूडिशियल काउंसिल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर आम जनता के लिए एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडरों की निर्बाध और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार से तत्काल कदम उठाने को कहा है।

अपने पत्र में ज्यूडिशियल काउंसिल के चेयरमैन राजीव अग्निहोत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में कमी और देरी को लेकर नागरिकों से प्राप्त बढ़ती शिकायतों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। काउंसिल ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर एक अत्यंत आवश्यक वस्तु है जिसका उपयोग देश के करोड़ों परिवार रोज़मर्रा के भोजन पकाने और अन्य घरेलू आवश्यकताओं के लिए करते हैं। इसकी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा आम परिवारों के लिए भारी असुविधा और कठिनाई का कारण बनती है।

ज्यूडिशियल काउंसिल ने यह भी उल्लेख किया कि हाल के सप्ताहों में कई इलाकों में उपभोक्ताओं ने आधिकारिक माध्यमों से बुकिंग करने के बावजूद एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में देरी की शिकायत की है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को सिलेंडर प्राप्त करने के लिए कई दिनों या कभी-कभी कई सप्ताह तक इंतजार करना पड़ रहा है। काउंसिल के अनुसार ऐसी देरी उन परिवारों के लिए अनावश्यक परेशानी उत्पन्न करती है जो पूरी तरह से खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं।

ज्यूडिशियल काउंसिल ने कुछ क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाज़ारी और अवैध बिक्री की संभावना को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। काउंसिल के अनुसार जब भी आपूर्ति में कमी या अनियमितता होती है, तब कुछ असामाजिक तत्व स्थिति का फायदा उठाकर घरेलू सिलेंडरों को डायवर्ट कर देते हैं या उन्हें अधिक कीमत पर ब्लैक मार्केट में बेचने का प्रयास करते हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि वास्तविक उपभोक्ताओं के हितों को भी नुकसान पहुंचाता है।

सरकार को लिखे अपने पत्र में ज्यूडिशियल काउंसिल ने आग्रह किया है कि एलपीजी सिलेंडरों की वितरण प्रणाली की कड़ी निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे। काउंसिल ने सुझाव दिया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को वितरकों और डीलरों की निगरानी और निरीक्षण को और सुदृढ़ करना चाहिए ताकि जमाखोरी, डायवर्जन और अन्य अनियमितताओं को रोका जा सके।

काउंसिल ने यह भी मांग की कि एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाज़ारी या अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी वितरक, डीलर या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। काउंसिल के अनुसार यदि कोई वितरक या डीलर एलपीजी आपूर्ति और वितरण से संबंधित सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित या रद्द किया जाना चाहिए।

ज्यूडिशियल काउंसिल ने यह भी सुझाव दिया कि एलपीजी वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण और निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। काउंसिल के अनुसार समय-समय पर अधिकारियों द्वारा की जाने वाली निगरानी से कृत्रिम कमी की स्थिति को रोका जा सकता है और यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि एलपीजी सिलेंडर बिना किसी देरी के वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचे।

काउंसिल ने उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया ताकि लोग डिलीवरी में देरी, अधिक कीमत वसूले जाने या कालाबाज़ारी की आशंका जैसी शिकायतों को आसानी

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button