शिक्षा

आईटीएस स्कूल मोहन नगर में भव्य शास्त्रीय वाद्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन

मनस्वी वाणी संवाददाता

गाजियाबाद/ मुरादनगर। आईटीएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट मोहन नगर गाजियाबाद में  स्पिक मैके  के सहयोग से पीजीडीएम (2025–27) बैच के विद्यार्थियों के लिए  शास्त्रीय वाद्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन  किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के बीच भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति रुचि को बढ़ावा देना और उन्हें महान कलाकारों की जीवंत प्रस्तुति का अनुभव प्रदान करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ पं. राजेंद्र प्रसन्ना (ग्रैमी पुरस्कार विजेता बांसुरी एवं शहनाई वादक)  देवज्योति दास गुप्ता (तबला)  राम मोरावल (बांसुरी) आईटीएस एजुकेशन ग्रुप के निदेशक (पीआर) सुरेंद्र सूद आईटीएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार द्वारा  द्वीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। आईटीएस स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार एवं आईटीएस एजुकेशन ग्रुप के निदेशक (पीआर)  सुरेंद्र सूद द्वारा  मुख्य अतिथियों को पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर उनका स्वागत सम्मान किया।निदेशक प्रो. डॉ. अजय कुमार ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के तेज़-तर्रार जीवन में सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ाव अत्यंत आवश्यक है और ऐसे कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण रहे प्रसिद्ध ग्राम्मी अवॉर्ड विजेता एवं बांसुरी एवं शहनाई वादन के महान कलाकार पंडित राजेंद्र प्रसन्न। उनके साथ तबला वादन में श्री देवज्योति दास गुप्ता एवं बांसुरी पर श्री राम मोरावल ने संगत दी। अपने प्रस्तुतीकरण से पूर्व पंडित राजेंद्र प्रसन्न ने अपने संगीत जीवन के कुछ प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। इसके बाद प्रस्तुत हुआ मनमोहक संगीत सत्र जिसमें पंडित राजेंद्र प्रसन्न देवज्योति दास गुप्ता एवं श्री राम मोरावल की तिकड़ी ने अद्भुत सामंजस्य के साथ शास्त्रीय रागों की प्रस्तुति दी। आईटीएस – द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरपी चड्ढा ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया। वहीं आईटीएस – द एजुकेशन ग्रुप के वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने समाज को सशक्त बनाने तथा सांस्कृतिक एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।

Sandeep Singhal

संदीप सिंघल गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए सामाजिक, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ उठाते आ रहे हैं। उनकी लेखनी तथ्यात्मक, निर्भीक और जनभावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाली मानी जाती है।

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