
- विदेशों में भी लोगो को ठगने का किया था कार्य
- महिला की फेंक सोशल एकाउंट से फसाते थे लोगो को
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर चलाये जा रहे अभियान में क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम पुलिस टीम को एक बड़ी कामयाबी प्राप्त की है। पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा करते हुए चार बदमाशों गिरफ्तार किया है। इस गैंग का कार्य करने का तरीका बड़ा ही शातिराना है। गैंग इंटरनेशनल सेक्सटॉरशन के लिए एआई से फेक वीडियो बनाकर और शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर अब तक करीब 6 करोड़ 58 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। विगत समय में गैंग ने कनाडा में रह रहे एक एनआरआई को सेक्सटॉरशन के जाल में फंसाकर 50 हजार डॉलर की रंगदारी मांगने का कार्य भी किया था। एसीपी क्राइम अमित सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर सेल टीम और क्राइम ब्रांच टीम ने एक ऐसे गेंग का खुलासा किया है जिसे सुनकर आप भी हैरत में पढ़ जाएंगे। दरअसल साइबर क्राइम की दुनिया में ठगी का बड़ा जाल फैलाने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के चार बदमाशों ने बड़े बड़े कारनामे किये हैं। जिन्होंने पकड़े जाने के बाद पूछताछ में अपने नाम फैसल, अमान त्यागी, हम्माद और फैजान मलिक के रूप में बताया है। इनके कब्जे से पांच मोबाइल, चार अकाउंट किट कार्ड, पांच सिम कार्ड और 2,600 नगद बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग वर्ष 2023 से कार्य कर रहा था और एनसीआरपी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 40 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा की चुकी हैं। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपी फैसल नूंह मेवात का रहने वाला है। जो अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाता है। गिरोह बेहद शातिराना अंदाज में कार्य को अंजाम देता है। गैंग ने नवप्रीत कौर नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाई और कनाडा में रहने वाले एक एनआरआई को मैसेंजर के जरिए निशाना बनाया। इसके बाद एआई तकनीक का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किया गया और एनआरआई से 50,000 डॉलर ऐंठने के लिए ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी गई। ठगी के पैसे मंगवाने के लिए बदमाशों ने गाजियाबाद के आरडीसी स्थित एक बैंक शाखा के फर्जी खाते का इस्तेमाल किया था। यही नहीं ये गैंग शेयर मार्केट और डेल्टा एल्बो ऐप के जरिए ट्रेडिंग के नाम पर भी लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुका है और गैंग के अन्य साथियों की तलाश जारी है। इसगैंग के पकड़े जाने से साइबर क्राइम की घटनाओं को अंजाम देने वालो के खिलाफ लगाम लगेगी।



