
मैन- दूरी खत्म, अब हर कार्यक्रम में निभा रहे साथ
शहर की जनता के बीच कार्यप्रणाली की खुलकर कर रहे सराहना
मनस्वी वाणी, संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में चुनावी आहट तेज होते ही राजनीतिक समीकरण भी तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां पप्पू पहलवान एक बार फिर शहर विधायक संजीव शर्मा के साथ सक्रिय रूप से नजर आ रहे हैं। कुछ समय की दूरी के बाद अब दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में चचार्ओं का दौर तेज हो गया है।
हाल के दिनों में शहर के विभिन्न कार्यक्रमों—सामाजिक, धार्मिक और जनसंपर्क आयोजनों—में पप्पू पहलवान लगातार विधायक संजीव शर्मा के साथ मंच साझा करते दिख रहे हैं। चाहे जनता दर्शन हो, उद्घाटन समारोह या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम, हर जगह उनकी मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि दोनों के बीच फिर से मजबूत तालमेल स्थापित हो चुका है।
सूत्रों के अनुसार, बीते समय में दोनों के बीच कुछ दूरी बन गई थी, लेकिन अब पप्पू पहलवान ने उस दूरी को खत्म करते हुए विधायक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का निर्णय लिया है। वे खुले मंचों से संजीव शर्मा की कार्यशैली और जनसेवा की सराहना करते हुए लोगों में उत्साह भी भर रहे हैं। पप्पू पहलवान का कहना है कि शहर में विकास कार्यों और जनता के प्रति विधायक की प्रतिबद्धता सराहनीय है। वे अपने मित्र की कार्यप्रणाली को जनता तक पहुंचाने और उनके पक्ष में माहौल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इससे समर्थकों में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। चुनाव से पहले इस तरह का मेल-मिलाप भाजपा के स्थानीय संगठन को मजबूती दे सकता है। पप्पू पहलवान का जनसंपर्क और प्रभाव क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है। शहर में फिलहाल यह जोड़ी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। आने वाले समय में यह तालमेल चुनावी समीकरणों को किस तरह प्रभावित करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
उप चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
पप्पू पहलवान को संगठन के चाणक्य के रूप में भी जाना जाता है, उन्होंने उप चुनाव के दौरान भी अहम भूमिका निभाई थी, लाइनपार क्षेत्र में संजीव शर्मा को किराए के मकान में सिफ्ट कराकर, लाइनपार का विधायक बना दिया हालांकि अब उनका निजी आवास सिद्धार्थ बिहार में हो गया है, वहीं पप्पू पहलवान ने चुनाव के समय लाइनपार क्षेत्र में डेरा डाले रखा और भाजपा को चुनाव में सफलता प्राप्त हुई।
लाइनपार में नेताओं की राजनीति हुई फीकी
हर विधानसभा चुनाव के समय में मांग उठती थी कि अबकी बार विधायक लाइनपार, कई नेता विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदारी भी करते थे लेकिन संजीव शर्मा ने लाइनपार में निवास करने के साथ-साथ वहां की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने का कार्य भी किया है, जिन क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ उसमें भी विकास के आयाम उन्होंने लिख दिए है, अब पार्षद व अन्य नेताओं के स्थान पर जनता सीधे विधायक से संपर्क करती है जिससे लाइनपार के नेताओं की राजनीति भी फिकी पड़ती दिखाई देती है।



